HindiPoetryQuotesShayari

Zindagi na milegi dobara Shayari or Poems in Hindi

ZNMD or Zindagi Na Milegi Dobara Shayari or Poems in Hindi language. This ZNMD poems gives us true slice of life and one of the best Slice of life movie in Bollywood. Here I have shared ZNMD poems in Hindi by Javed Akhtar and recited by Farhan Akhtar.

Pighale Nilam Sa Bahata Hua Sama

पिघले नीलम-सा बहता हुआ ये समाँ,
नीली-नीली सी ख़ामोशियाँ,
न कहीं है ज़मीं, न कहीं आसमाँ,
सरसराती हुई टहनियाँ, पत्तियाँ,
कह रही हैं कि बस एक तुम हो यहाँ,
सिर्फ़ मैं हूँ, मेरी साँसें हैं, मेरी धड़कनें,
ऐसी गहराइयाँ, ऐसी तन्हाइयाँ,
और मैं, सिर्फ़ मैं,
अपने होने पे मुझको यक़ीन आ गया।
Zindagi Na Milegi Dobara Poem: Apne Hone Par Mujhko Yaqeen Aa Gaya in Hindi

पिघले नीलम-सा बहता हुआ ये समाँ,
नीली-नीली सी ख़ामोशियाँ,
न कहीं है ज़मीं, न कहीं आसमाँ,
सरसराती हुई टहनियाँ, पत्तियाँ,
कह रही हैं कि बस एक तुम हो यहाँ,
सिर्फ़ मैं हूँ, मेरी साँसें हैं, मेरी धड़कनें,
ऐसी गहराइयाँ, ऐसी तन्हाइयाँ,
और मैं, सिर्फ़ मैं,
अपने होने पे मुझको यक़ीन आ गया.

-Javed Akhtar

Best Dialogues Of Anand Which Are Simply Timeless


yeh jaane kaisa raaz hai

एक बात होठों तक है जो आई नहीं,
बस आँखों से है झाँकती,
तुमसे कभी मुझसे कभी,
कुछ लफ़्ज़ है वो मांगती,
जिनको पहन के होठों तक आ जाए वो,
आवाज़ की बाहों में बाहें डालके इठलाये वो,
लेकिन जो ये एक बात है एहसास-ही-एहसास है,
ख़ुश्बू-सी जैसे हवा में है तैरती,
ख़ुश्बू जो बेआवाज़ है,
जिसका पता तुमको भी है, जिसकी ख़बर मुझको भी है,
दुनिया से भी छुपता नहीं, ये जाने कैसा राज़ है.
Zindagi Na Milegi Dobara Poem: Yeh Jaane Kaisa Raaz Hai in Hindi

एक बात होठों तक है जो आई नहीं,
बस आँखों से है झाँकती,
तुमसे कभी मुझसे कभी,
कुछ लफ़्ज़ है वो मांगती,
जिनको पहन के होठों तक आ जाए वो,
आवाज़ की बाहों में बाहें डालके इठलाये वो,
लेकिन जो ये एक बात है एहसास-ही-एहसास है,
ख़ुश्बू-सी जैसे हवा में है तैरती,
ख़ुश्बू जो बेआवाज़ है,
जिसका पता तुमको भी है, जिसकी ख़बर मुझको भी है,
दुनिया से भी छुपता नहीं, ये जाने कैसा राज़ है.

-Javed Akhtar

Jab Jab Dard Ka Badal Chaya

जब-जब दर्द का बादल छाया,
जब ग़म का साया लहराया,
जब आँसू पलकों तक आया,
जब ये तन्हा दिल घबराया,
हमने दिल को ये समझाया,
दिल आख़िर तू क्यों रोता है!
दुनिया में यूँ ही होता है,
ये जो गहरे सन्नाटे हैं,
वक़्त ने सब को ही बांटे हैं,
थोड़ा ग़म है सबका क़िस्सा,
थोड़ी धूप है सबका हिस्सा,
आँख तेरी बेकार ही नम है,
हर पल एक नया मौसम है,
क्यूँ तू ऐसे पल खोता है,
दिल आख़िर तू क्यूँ रोता है!
Zindagi Na Milegi Dobara Poem: Dil Aakhir Tu Kyun Rota Hai in Hindi

जब-जब दर्द का बादल छाया,
जब ग़म का साया लहराया,
जब आँसू पलकों तक आया,
जब ये तन्हा दिल घबराया,
हमने दिल को ये समझाया,
दिल आख़िर तू क्यों रोता है!
दुनिया में यूँ ही होता है,
ये जो गहरे सन्नाटे हैं,
वक़्त ने सब को ही बांटे हैं,
थोड़ा ग़म है सबका क़िस्सा,
थोड़ी धूप है सबका हिस्सा,
आँख तेरी बेकार ही नम है,
हर पल एक नया मौसम है,
क्यूँ तू ऐसे पल खोता है,
दिल आख़िर तू क्यूँ रोता है!

-Javed Akhtar

Toh Zinda Ho Tum

दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम,
नज़र में ख़्वाबों की बिजलियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम,
हवा के झोकों के जैसे आज़ाद रहना सीखो,
तुम एक दरिया के जैसे लहरों में बहना सीखो,
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोले अपनी बाहें,
हर एक पल एक नया समाँ देखें ये निगाहें,
जो अपनी आँखों में हैरानियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम,
दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम।
Zindagi Na Milegi Poem: Toh Zinda Ho Tum in Hindi

दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम,
नज़र में ख़्वाबों की बिजलियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम,
हवा के झोकों के जैसे आज़ाद रहना सीखो,
तुम एक दरिया के जैसे लहरों में बहना सीखो,
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोले अपनी बाहें,
हर एक पल एक नया समाँ देखें ये निगाहें,
जो अपनी आँखों में हैरानियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम,
दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम।

-Javed Akhtar

गुलज़ार साहब की 100+ सदाबहार शायरियां

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button